दिमाग़ी तौर पर सेहतमंद रहनेका आसान तरीका
मराकबा ( ध्यान ) करना चाहिए ये विचारोंमें तरतीब पैदा करता है। तरतीब खूबसूरती है। अगर तरतीब ख़राब हो तो बहुमूल्य चीज़ भी कुड़ेमें जाता है।
" सूरह तौबा " की ये आयत اِنَّ اللّٰهَ يُحِبُّ التَّـوَّابِيْنَ وَيُحِبُّ الْمُتَطَهِّرِيْنَ अल्लाह तौबा करने( मांफी मांगने ) और पाक(साफ सुथरा) रहने वालोंको पसंद करता है। आप सल्लल्लाह अलैहि व सल्लमने परमाया " आधा इमान सफाई है " तन यानि बाहरकी सफाईका सीधा सम्बन्ध है बातिन ( अंदर ) की सफाई से
"Indiana"की रिसर्च रिपोर्ट कहती है, जिनका घर साफ़ रहता है वो ज़्यादा खुशहाल रहता है। जिस घरमे चीज़ें बेतरतीब और लोग गैर मुनज़्ज़म तरीक़े से रहते हों वहां Depression (तनाव) बढ़ जाता है। Stress और Depression शरीरमें Cortisol Hormone बढ़ता है और इंसान कई तरहके बीमारियोंका शिकार होने लगता है। तहज़ीब और तरतीबसे रहने में एक रुपिया खर्च नहीं होता। आप पूरी दुनियाके लोगोंको सामने रखें और उनके लिए जो क़ाबिले एहतराम जगह हैं जैसे काबा, मस्जिद,मंदिर,चर्च,गुरुद्वारा,सिनेगॉग आदि इत्यादि। ये सभी जगहें साफ़ होती हैं। खुशबूदार होती हैं और यहाँ हर एक चीज़ तरतीबसे रखी होती है। इसको कहते हैं "well maintained" तो आप ये समझिये की जो जितना साफ़ होगा उतना ही well maintained होगा
२ ) दिमाग़को सेहतमंद रखनेका दूसरा तरीका है साफ़-सफ़ाईके साथ हर हालमें मुतमइन (संतुष्ट) रहना। हमेशा ताज़ा दम रहें क्यूंकि जिस्म बूढ़ा हो मगर जेहन जवान रहना चाहिए। आप अपने आसपास गौरसे देखिये एक साफ सफाईका काम करने वाला आदमी हमेशा मुतमइन रहता है और वो दिमागी और शारीरिक तौरसे बिलकुल चुस्त दुरुस्त रहते हैं। आप जबतक किसीभी चीज़को लेकर संतुष्ट नहीं होंगे चाहे वो संतान,धन-सम्पतिके मामलेमें ही हो आप खुश नहीं रह सकते। इसलिए अपने बच्चोंको सफ़ाईका ख्याल रखने और साथ संतुष्ट रहनेकी शिक्षा दीजिये।
३) Modern psychologist " Jordan Peterson " के पास जब कोई बीमार इलाज केलिए आता है तो वो इलाज करने से पहले कहते हैं पहले जाकर अपने कमरेका तरतीब ठीक करके आओ। अपने अंदर तमीज़, तहज़ीब और साफ़-सुथराई लेकर आओ। इलाज बादमें होगा। वो कहते हैं ये सब शुरू करनेसे इलाज शुरू हो जाता है।
४) आखरी बात ये है की अल्लाह तआलाकी दी हुई सबसे बेहतरीन चीज़ हुस्न (सुंदरता) है और हुस्न असलमे एक तरतीबका नाम है। क़ुदरतको थोड़ा ध्यानसे देखेंगे तो आपको पता चलेगा हर एक चीज़ तरतीबमें है। उसमे आपको एक हृदम दिखेगा। बेतरतीबी कभी खूबसूरत हो ही नहीं सकता।
निष्कर्ष :
अपने अंदर और बहार सफाई-सुथराई लाएँ। चीजोंको तरतीबसे रखें। हर कामको एक सलीक़े(ढंग)से करें। उलझी हुई चीजोंको सुलझाएं (मेरा संकेत पारिवारिक कलहकी तरफ है) सब ठीक होजाएगा। जब चीज़ें अपनी-अपनी जगह तरतीबसे होगा तो खूबसूरत दिखेगा। खूबसूरती हुस्न है और ये दिलको सुकून देता है। जब दिल पुरसुकून और मुतमइन होगा दिमाग़ ख़ुद सेहतमंद होजाएगा।


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